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what is charging by induction || प्रेरण द्वारा आवेशन: प्रेरण द्वारा आवेशन क्या है(charging by induction)

   what is charging by induction || प्रेरण द्वारा आवेशन: प्रेरण द्वारा आवेशन क्या है(charging by induction)


प्रेरण द्वारा आवेशन:- किसी aveshit  वस्तु से स्पर्श कराये बिना ही anveshit वस्तु को aveshit करने की bidhi को preran द्वारा आवेशन कहते है।”

प्रेरण द्वारा आवेशन  में आवेशित वस्तु का विपरीत आवेश अन आवेशित वस्तु पर चढ़ता है या उत्पन्न होता है अभी तक आपने पढ़ा होगा कि जब कोई आगे से तो ऐसे किसी आना आवेशित वस्तु से अस्पष्ट कर आते हैं तब उसको भी आदेश आ जाता है लेकिन प्रेरण द्वारा आवेशन का तात्पर्य है कि जब किसी आवेशित वस्तु को किसी आवेशित वस्तु स्पर्श भी ना

कराएं और उस पर आवेश उत्पन्न हो जाता है इसी को हम प्रेरण द्वारा आवेशन कहते हैं या आवेशन कहते हैं चलिए अब हम इसको कुछ उदाहरण के द्वारा समझते हैं जो कि नीचे दिए गए हैं
प्रेरण द्वारा आवेशन: प्रेरण द्वारा आवेशन क्या है-rst study:



आप देख सकते हैं कि चित्र में एक अनार बेसिक गेंद को कुचालक स्टैंड पर रखा गया है या सेट किया गया है जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है आप इसको ध्यान से देखिए जब एक रेखा बे शिक्षण को इस आनाआवेशित गेंद के पास बिना स्पर्श कराएं एक छड़ को इस अन आवेशित गेंद के पास ले जाया
जाता है तो अन आवेशित गेंद में उपस्थित इलेक्ट्रॉन के छठ पर उपस्थित  ऋण आवेश  दूसरी तरफ विस्थापित हो जाता है हे गेंद का जो हिस्सा रेट है वैसे छड़ के पास रहता है वहां धन आवेश आ जाता है क्योंकि प्रकृति के कारण ऋण आवेश दूसरी तरफ विस्थापित होता है यदि अब चालक तार की सहायता से गेंद के दाएं हिस्से को संपर्क कट कर दे तो दाएं
तरफ इकट्ठा आदेश चालक तार के माध्यम से धरती में चला जाता है तथा गोले पर अब बाएं तरफ वाला धन आवेश शेष रह जाता है अब अगर यह आवेशित छड़ को गेंद के पास से हटाया भी लिया जाए तो भी गोले पर धन आवेश उपस्थित रहेगा क्योंकि या आवेश प्रेरण द्वारा छड़ को बिना स्पष्ट किए उत्पन्न हुआ है
इसलिए इस आदेश को प्रेरणा बेस हुआ इस प्रक्रिया को प्रेरण द्वारा आवेशन कहा जाता है नोट यदि दो गोले पर समान मात्रा में q धनादेश या ऋण आवेश दिया जाए तो रे ऋण आत्मकq
आवेश वाला गोले का द्रव्यमान धनात्मकq आवेश वाले गोले से अधिक होगा क्योंकि ऋण आवेशित गोल लेने इलेक्ट्रॉन
ग्रहण किए हैं इसलिए इसके द्रव्यमान में इलेक्ट्रॉनों कादर मान भी जुड़ जाएगा तो उसने ग्रहण किए हैं इसी प्रकार धन आवेशित गोले में इलेक्ट्रॉन त्यागी है आतिश के द्रव्यमान से इलेक्ट्रान ओ का भार घट जाएगा जो उसने त्यागे हैं नोट एक आवेशित वस्तु आवेशित वस्तु को आकर्षित कर सकती है या प्रेरण द्वारा संभव हो सकता है क्योंकि जब एक अन आवेशित वस्तु के पास आवेशित वस्तु लाई जाती है तो प्रेरण द्वारा निकट वाले स्थान पर विपरीत राकेश का आवेश उत्पन्न हो
जाता है ले जाते हैं अन आवेशित गेंद में उपस्थित उपस्थित होते हैं और दूसरी तरफ स्थापित हो जाते हैं गेंद के पास रहता है वहां आ जाता है क्योंकि के कारण दूसरी तरफ तरफ विस्थापित इकट्ठा हो जाता है यदि तार की सहायता से दाएं हिस्से को इकट्ठा आर के माध्यम से धरती में चली जाती है तथा उस पर कोई भी नहीं होता है या कोई भी आवेश नहीं होगा
यदि हम ऋण आवेश वाला छठ गेंद के पास से हटा ले तो क्या गेंद से ऋण आवेश गायब हो जाएगा चलिए इसका अब हम आपको हाल बताते हैं दोस्तों यह आवेश प्रेरण द्वारा आवेशन हुआ है बिना स्पर्श आए इसलिए इसके रहने या रहने से कोई


भी मतलब नहीं बनता है यह रहेगा तब भी उस पर धन आवेश रहेगा और नहीं रहेगा तब भी उस पर धन आवेश रहेगा वह गायब नहीं होगा उसके विपरीत आवेश उस पर उत्पन्न होता रहेगा
यदि हम उस गेंद के गोले के सामने किसी धन आवेश की छड़ को लाते हैं तो वहां पर उसके विपरीत ऋण आवेश उत्पन्न हो जाएगा क्योंकि यह उसके विपरीत आवेश को उत्पन्न करता है और स्वयं प्रकार से यह भी उसी तरह काम करेगा तो आप देख सकते हैं मैंने कई उदाहरण द्वारा आपको समझाया है
आप देख सकते हैं कि अगर यदि आपको समझ में नहीं आया तो आप कमेंट में लिखते हैं क्या बता सकते हैं यदि आप और भी पढ़ना चाहते हैं किसी भी विषय का नोट लेना चाहे तो आदमियों में जाकर के अच्छे से पढ़ सकते हैं वहां से अभी नोट भी ले सकते हैं
नोट: मैं आपको बता दूं कि 1 गेंद में 2 तरफ होता है दाएं और एक बार यदि आप दाएं और (-) आत्मक आवेश का छठ लेकर जाते हैं तो दाएं धनात्मक आवेश उत्पन्न होगा क्योंकि उसका उल्टा विपरीत आवेश उत्पन्न होता है लेकिन उसके
 dusari  तरफ यदि (- )का avesh  है तो udhar या उस तरफ ऋण avesh ही उत्पन्न होगा जैसे यह avesh का paas लेकर जाते हैं तो उसके dusare तरफ उत्पन्न hoga लेकिन उसके जो नजदीक होगा वहां पर धन आवेश उत्पन्न होगा

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